डीएम अनुज मलिक ने विकास योजनाओं की पकड़ी रफ्तार, बोले- पात्र लाभार्थी तक हर हाल में पहुंचे योजना का लाभ
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संतकबीरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अनुज मलिक की अध्यक्षता में श्रम एवं रोजगार, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना और पंचायतीराज विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को योजनाओं में तेजी लाने के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और नियमित निरीक्षण पर विशेष जोर दिया।
रोजगार से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायतों में अधिक से अधिक काम शुरू कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण श्रमिकों को उनकी मांग के अनुसार रोजगार मिल सके और अधिक रोजगार दिवस सृजित हों। उन्होंने सभी जॉब कार्डधारकों की ई-केवाईसी पूरी कराने तथा एनएमएस ऐप पर दैनिक हाजिरी की धीमी प्रगति वाले विकासखंडों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए।
बैठक में आंगनबाड़ी और अन्नपूर्णा भवनों के अधूरे कार्य जल्द पूरा कर संबंधित विभाग को हस्तांतरित करने तथा क्षेत्र पंचायत से बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण शीघ्र शुरू कराने को कहा गया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा में समूह गठन, रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि, बैंक क्रेडिट लिंकेज और लखपति दीदी समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। सेमरियावां, मेंहदावल, पौली और सांथा विकासखंडों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर डीएम ने सुधार के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के 1774 आवासों के लक्ष्य के मुकाबले 1773 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। डीएम ने स्वीकृत आवासों को समय से पूरा कराने के साथ पिछले वर्षों के अधूरे आवासों को भी प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
पंचायतीराज विभाग की समीक्षा में ओडीएफ प्लस मॉडल गांवों की संख्या बढ़ाने, सामुदायिक शौचालयों के बेहतर रखरखाव और पंचायत भवनों के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण नियमित रूप से हो और जिन पंचायत भवनों के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है, उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने विकासखंड स्तर पर योजनाओं की नियमित समीक्षा और निर्माण कार्यों के गुणवत्ता निरीक्षण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी रूक्मिणी वर्मा, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार डॉ. प्रभात द्विवेदी, डीसी एनआरएलएम प्रवीण कुमार शुक्ल, परियोजना निदेशक विजयन्त कुमार सिंह समेत संबंधित अधिकारी और सभी खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।